Thursday, 14 May 2020

विवाह

विवाह समाज की ऐसी पवित्र रस्म है जिसके द्वारा स्त्री और पुरुष को जीवन भर साथ रहने की मान्यता प्राप्त होती है,
इस परंपरा के द्वारा ही अनेकों रिश्ते नाते एक होते हैं लेकिन सदियों से चली आ रही इस परंपरा को लोग अनावश्यक खर्चो के द्वारा इतना बोझिल करते जा रहे हैं कि अब एक आम आदमी पुत्र अथवा पुत्री की शादी करने के लिए अपने संपूर्ण जीवन की जमा की गई पूंजी को इसमें झोंक देता है यह रस्म समाज के लिए श्राप की तरह बनती जा रही है आए दिन न जाने कितनी बहन बेटियों को दहेज न देने के लिए मारा जाता है यह समाज का क्रूर आईना है


वर्तमान में फैली इस भयावह स्थिति से बाहर निकलने के लिए भारत सरकार ने 1961 में दहेज विरोधी कानून पारित किया जिसके अनुसार इसमें दोषी पाए जाने पर 5 वर्ष की कैद और ₹15000 जुर्माना है
 साथ ही बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ अभियान भी चलाएं जा रहे हैं लेकिन जो स्थिति पहले थी वह अभी भी बनी हुई है या उससे भी ज्यादा भयावह हो चुकी है इस विवाह शादियों में होने वाले अनावश्यक खर्चा और दहेज को रोकने के लिए समाज के सभी वर्गों को आगे आना चाहिए|

वर्तमान में जब मैंने इसके सार्थक प्रयास करने वाली संस्थाओं का नाम खोजा समाचार पत्रों और वेबसाइट पर पाया कि एकमात्र संत रामपाल जी महाराज के अनुयाई ही इस मुहिम को अनवरत आगे बढ़ा रहे हैं और दहेज प्रथा को खत्म करने की सार्थक पहल कर रहे हैं संत जी के अनुयाई लाखों की संख्या में है और यह प्रण लेते हैं कि वे बिना दहेज के रमणी (शादी) करेंगे, आइए आप और हम इस मुहिम का हिस्सा बनकर समाज में फैली इस कुरीति को समाप्त करें|
संत रामपाल जी महाराज जैसे संतो के द्वारा ऐसे सार्थक प्रयास देखते हैं तो गौरवान्वित महसूस करते हैं कि ऐसे भी लोग जिंदा है जो समाज को एक नई दिशा प्रदान करना चाहते हैं धन्यवाद

मिलते हैं अगले ब्लॉग में🙏🙏

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